ट्राई सीरीज के फाइनल में इंडिया ए की टीम ने श्रीलंका ए को 66 रनों से हराकर खिताब को अपने नाम किया। इस मैच में टीम इंडिया के लिए वैभव सूर्यवंशी ने मैच विनिंग पारी खेली और टीम इंडिया की जीत में अपना अहम योगदान दिया। उन्होंने इस मैच में 29 बॉल पर 324 से अधिक की स्ट्राइक रेट से 94 रन बनाए। इस शानदार पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला है। इस अवॉर्ड को जीतने के बाद वैभव से पूछा गया कि क्या इस मैच से पहले वो दबाव में थे क्योंकि इस सीरीज में उनका प्रदर्शन फाइनल से पहले तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था।
वैभव सूर्यवंशी ने दबाव को लेकर क्या कहा?
POTM अवॉर्ड जीतने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि इस मैच में दबाव बिल्कुल नहीं था, लेकिन मैं उन प्लान्स को सही करने की कोशिश कर रहा था जो पिछले मैचों में काम नहीं कर रहे थे। मैंने इस बारे में कोचों से बात की और प्रैक्टिस में इस पर काम किया। आज वो प्लान सही से काम कर गया और नतीजा सबके सामने है। इस मैच को लेकर उन्होंने कहा कि मैंने बहुत ज्यादा नहीं सोचा था, मैं बस शुरुआती 10 ओवरों का पूरा फायदा उठाना चाहता था और जो प्लानिंग की थी, उसे मैदान पर सही से लागू करना चाहता था।
श्रीलंका ए सीरीज में वैभव को क्या सीखने को मिला?
इस दौरान वैभव से ये भी पूछा गया कि इस सीरीज से उन्हें क्या सीखने को मिला। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मैंने बहुत कुछ सीखा है, लेकिन मैं 50 ओवर का क्रिकेट बहुत खेल चुका हूं। हंसते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को शायद इस बारे में पता नहीं है। अलग-अलग परिस्थितियां और अलग पिचें थीं, इसलिए खेलना थोड़ा अलग था, लेकिन इन मैचों में खेलने में मजा आया और यह एक अच्छी सीरीज रही।
फाइनल में शतक लगाने से चूके वैभव
फाइनल मैच में वैभव के पास एक शतक लगाने का अच्छा मौका था लेकिन वह 6 रन से दूर रह गए। अपनी 94 रनों की पारी के दौरान वैभव ने 10 चौके और 8 छक्के लगाए। उनके अलावा कप्तान तिलका वर्मा ने भी अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने 90 बॉल पर 67 रन बनाए। टीम इंडिया इस मैच में श्रीलंका के सामने 378 रन का टारगेट रखने में कामयाब रही। जवाब में श्रीलंका की टीम 311 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
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